महारानी एलिजाबेथ द्वितीय

Queen Elizabeth Second

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ( Queen Elizabeth Second ) – जन्म व प्रारंभिक जीवन, जन्म स्थान, वैवाहिक जीवन, पिता की मृत्यु व महारानी बनना, मृत्यु व अंतिम समय, महारानी के रूप में, महत्वपूर्ण तथ्य…

  • जन्म – 21 अप्रैल 1926
  • जन्म स्थान – मेयफेयर, लंदन
  • विवाह – 20 नवंबर 1947
  • पति का नाम – प्रिंस फिलिप रॉयल (ग्रीस के)
  • शासिका बनीं – 5 फरवरी 1952
  • ताजपोशी – 2 जून 1953
  • मृत्यु – 8 सितंबर 2022
  • मृत्यु स्थल – बालमोरल कैसेल, स्कॉटलैंड
  • बच्चे – चार्ल्स (1948), ऐन (1950), एंड्र्यू (1960), एडवर्ड (1964)

महारानी एलिजाबेथ का जन्म व प्रारंभिक जीवन –

एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म 21 अप्रैल 1926 को लंदन के मेयफेयर में हुआ था। इनका पूरा नाम ‘एलिजाबेथ एलेक्जेंडर मैरी विंडसर’ था। इनके जन्म के समय इनके दादा ‘जार्ज पंचम’ का शासनकाल था। 1926 में जन्मी एलिजाबेथ के ब्रिटेन की महारानी बनने का किसी ने नहीं सोचा था। लेकिन 1936 ई. में उनके पिता के बड़े भाई एवं ब्रिटेन के सम्राट ‘एडवर्ड अष्टम’ ने एक अमेरिकी नागरिक (जो 2 बार की तलाकशुदा भी थी) ‘वालिस सिंपसन’ से विवाह करने के लिए ब्रिटिश सम्राट का पद त्याग दिया। इसके बाद एलिजाबेथ द्वितीय के पिता ‘अलबर्ट’ ब्रिटेन के शासक बने और 10 साल की लिलिबेट (बचपन में परिवार में एलिजाबेथ का निक नेम) राजगद्दी की उत्तराधिकारी बनीं।

वैवाहिक जीवन –

20 नवंबर 1947 को इन्होंने ग्रीस के ‘प्रिंस फिलिप रॉयल’ (ड्यूक ऑफ एडिनबरा) के साथ विवाह किया। इनसे इनके चार संतानों की उत्पत्ति हुई। सबसे पहले 14 नवंबर 1948 ई. को इनकी पहली संतान के रूप में प्रिंस चार्ल्स का जन्म हुआ। इसके बाद 1950 ई. में बर्किंघम पैलेस में प्रिंसेस ऐन, 1960 ई. में एंड्र्यू, और 1964 ई. में प्रिंस एडवर्ड का जन्म हुआ। प्रिंस चार्ल्स का उनकी पत्नी प्रिंसेस डायना से 1996 ई. में तलाक हो गया। इसके अगले साल 31 अगस्त 1997 पेरिस में एक कार हादसे में डायना की मृत्यु हो गई। 9 अप्रैल 2021 को एलिजाबेथ के पति प्रिंस फिलिप रॉयल का निधन हो गया। 2005 में चार्ल्स प्रिंस ने कैमिलिया रॉसमैरी से विवाह कर लिया। वर्तमान में कैमिलिया 8 सितंबर 2022 से Queen Consort of the United Kingdom & the other Commonwealth Realms हैं।

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पिता की मृत्यु व इनका महारानी बनना –

6 फरवरी 1952 ई. को जब इनके पति फिलिप ने इनके पिता ‘जॉर्ज षष्ठ’ की मृत्यु की सूचना इन्हें दी तब ये अपने बीमार पिता का प्रतिनिधित्व करते हुए केन्या में थीं। तब ये तुरंत लंदन लौटीं और मात्र 25 वर्ष की अवस्था में नई महारानी बनीं। औपचारिक रूप से 2 जून 1953 को वेस्टमिंस्टर एबी में इनकी ताजपोशी हुई। इनकी ताजपोशी के कार्यक्रम को दुनिया भर में 2 करोड़ लोगों ने लाइव देखा था, जिनमें से अधिकतर लोगों ने टीवी को ही तब पहली बार देखा था। एलिजाबेथ के पिता एल्बर्ट अपने पिता ‘जार्ज पंचम’ के दूसरे बेटे थे। एलबर्ट ही आगे चलकर ‘जार्ज षष्ठ’ के नाम से ब्रिटेन के शासक बने।

मृत्यु व अंतिम समय –

इसी साल फरवरी 2022 में ये कोविड संक्रमित हो गई थीं। 8 सितंबर 2022 को 96 वर्ष की अवस्था में स्कॉटलैंड के बालमोरल कैसेल में इनका निधन हो गया। बालमोरल कैसल इनका स्कॉटलैंड स्थित घर है। इस बार गर्मियों का अधिकतम समय इन्होंने यहीं पर बिताया। इनकी मृत्यु की घोषणा बर्किंघम पैलेस द्वारा की गई। ब्रिटिश समयानुसार दोपहर 6 बजकर 30 मिनट पर ब्रिटेन के राजनिवास पर लगे राष्ट्रध्वज ‘यूनियन जैक’ को आधा झुका दिया गया। महारानी की मृत्यु की औपचारिक घोषणा वाले नोटिस को मुख्य द्वार के बाहर लगा दिया गया।

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महारानी के रूप में एलिजाबेथ द्वितीय –

ये यूनाइटेड किंगडम के साथ 14 अन्य देशों की भी महारानी थीं। महारानी के तौर पर ब्रिटेन पर इनका शासनकाल सबसे लम्बा रहा। मृत्यु के समय वे सबसे उम्रदराज महारानी भी थीं। साम्राज्ञी के तौर पर इनका शासनकाल 70 वर्षों से अधिक का रहा। इनकी मृत्यु के बाद इनके सबसे बड़े बेटे किंग चार्ल्स तृतीय ब्रिटेन के नए राजा होंगे। साथ ही उनके पोते प्रिंस विलियम अब ब्रिटेन के युवराज होंगे।

अपनी मृत्यु के मात्र दो दिन पूर्व ही 6 सितंबर 2022 को महारानी एलिजाबेथ द्वारा लिज ट्रस को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। इनके लम्बे शासनकाल के दौरान ब्रिटेन ने 15 प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल देखा। हालांकि 15वीं प्रधानमंत्री लिज ट्रस के साथ काम करने का समय शुरु ही हुआ था। विंस्टन चर्चित एलिजाबेथ के शासनकाल के पहले प्रधानमंत्री थे। अपने संपूर्ण कार्यकाल के दौरान महारानी एलिजाबेथ हर सप्ताह प्रधानमंत्री से मिलती रहीं। 1992 ई. में एक भीषण आग में इनका निजी निवास एवं कार्यस्थल विंडसर कासल बर्बाद हो गया।

महत्वपूर्ण तथ्य –

  • अपने कार्यकाल के तौरान एलिजाबेथ ने 14 अमेरिकी राष्ट्रपतियों से मुलाकात की।
  • 1951 ई. में एलिजाबेथ राजकुमारी के तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन से मिलीं।
  • 1961 ई. में महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप ने भारत का पहला दौरा किया था। तब दिल्ली हवाई अड्डे से राष्ट्रपति भवन तक रास्ते में करीब 10 लाख लोग उन्हें देखने के लिए उमड़े थे।
  • 14 अक्टूबर 1969 को नील आर्मस्ट्रांग, बज एल्ड्रिन, और माइकल कोलिंस ने बर्मिंघम पैलेस में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मुलाकात की।
  • 1957 ई. में महारानी एलिजाबेथ के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डी. आइजनहावर से मिलीं।
  • महारानी एलिजाबेथ ने ऑस्ट्रेलिया की पहली शाही यात्रा 1970 ई. में की।
  • नवंबर 1983 ई. में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने भारत का दूसरी बार दौरा किया। इस दौरान महारानी ने मदर टैरेसा को ऑर्डर ऑफ द् मेरिट से सम्मानित किया। इन्होंने स्वर्ण मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने जूते उतारे और मोजे पहनकर प्रवेश किया।
  • 1986 ई. में महारानी एलिजाबेथ ने पहली बार चीन का आधिकारिक दौरा किया।
  • 1996 ई. में महारानी एलिजाबेथ ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को बकिंघम पैलेस में आमंत्रित किया।
  • अक्टूबर 1997 ई. में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने तीसरी एवं अंतिम बार भारत की यात्रा की।
  • 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महारानी एलिजाबेथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वो रूमाल दिखाया जो महात्मा गाँधी ने उन्हें उनकी शादी पर तोहफे के रूप में दिया था।
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