शब्दकोश Ι Shabdkosh Ι Dictionary

शब्दकोश Ι Shabdkosh Ι Dictionary –

‘अ’ से शुरु होने वाले शब्द –

अंध, अब, आज, अथ, अभी, अली, अग्नि, अच्छा, अल्प, अन्त, अर्थ, अर्जी, अजर, अमल, अमन, असर, अमर, अनाथ, अमृत, अंतिम, अनाज, अजीत, अतीत, अमीन, अक्षय, अन्तर, अनिल, अपंग, अमित, अधिक, अर्णव, अथवा, अहित, अपना, अजंता, अहिंसा, अलग, अपनी, अकेला, अनोखा, अहम, अज्ञात, अजेय, अवधि, अवध, अफ्रीका, अर्पण, अर्पित, असत्य, अर्पिता, अध्यक्ष, अभ्यर्थी, अल्पना, अयस्क, अजन्मा, अभ्यास, अक्सर, अल्पज्ञ, अर्जित, अनुभव, अलंकार, अवंतिका, अवतार, अजगर, असहाय, अलवर, अनजान, अधिकांश, अवसर, अवधेश, अभिषेक, अनपढ़, अवसाद, अमरक, अनुदेश, अतिसार, अवकाश, अभिसार, अटपटा, अनदेखा, अनसुना, अभिरार, अनजान, अनश्वर, अनिमेष, अवसर, अनिर्णित, अखिलेश, अलगाव,  अनुसार, अरविंद, अभियान, अनपढ़, अलमारी, अविनाशी, अपमान, अरमान, अधिकांश, अनायास, अलंकार, अलंकृत, असामान्य अविभाज्य, अस्पताल, अट्टालिका, अट्टाहास, अपेक्षाकृत, अतिरिक्त, अनवरत, असहयोग, अपराजित, अपरिमित, अमानवीय, अकल्पनीय, अविश्वसनीय, अल्पसंख्यक, अंकलेश्वर, अल्पाहारी, अतिक्रमण, अनुक्रमणिका, अल्पवृष्टि, अनावृष्टि, अश्वमेद्य, अनावरण, अजातशत्रु, अल्प प्राण, अलारकलाम।

अक्ष, अंश, अंशुमान, अक्षरम, अक्षय, अजय, अतुल, अखिलेश, अरविंद, अखिल, अविनाश, अलारकलाम, अमित, अनिल, अनीता, अर्चना, अंजलि, अनामिका, अनाहिता, अवंतिका, अंजना, अस्मिता, अंबिका।

‘आ’ से शुरु होने वाले शब्द –

आम, आस, आरी, आती, आता, आज्ञा, आता, आप, आम, आँख, आज, आलू, आन, आटा, आस्था, आत्मा, आत्म, आसान, आतुर, आमुख, आराम, आभार, आवेश, आरंभ, आंकड़े, आदेश, आकाश, आदत, आजादी, आदत, आलेख, आदमी, आखेट, आचार, आईना, आकार, आहार, आसव, आयोग,  आवारा, आराम, आरती, आकांक्षा, आरसी, आरोप, आपदा, आलेख, आषाढ़, आयात, आश्रम, आह्वान, आलस्य, आरोग्य, आपत्ति, आग्रह, आदिवासी, आवंटन, आवंटित, आसमान, आजकल, आगमन, आवरण, आरक्षण, आमरस, आलोचना, आधारित, आंदोलन, आयोजन, आरोपण, आमरण, आजीवन, आचरण, आमदनी, आधुनिक, आजकल, आमतौर, आश्चर्य, आस्ट्रेलिया, आकर्षक, आक्रमण, आमन्त्रण, आस्वादन, आश्वासन, आवश्यक, आविर्भाव, आकस्मित, आविष्कार, आदर्णीय, आशीर्वाद, आकस्माक, आत्मीयता, आत्मग्लानि, आत्मनिर्भर, आवागमन, आकाशवाणी, आत्मसम्मान, आत्मरक्षा, आत्मनिर्णय, आत्मत्रान, आत्मप्रेरण, आध्यात्मिक, आवश्यकता।

आकाश, आलोक, आशीष, आनंद, आजाद, आराधना, आशी, आलिया, आरती, आरुषी।

‘इ’ से शुरु होने वाले शब्द –

इन, इस, इच्छा, इन्हीं, इश्क, इंदु, इत्र, इन्द्र, इष्ट, इल्म, इच्छा, इकाई, इनका, इनकी, इंतेजा, इमली, इकाई, इतनी, इतना, इलाज, इराक, इशारा, इंसाफ, इरादा, इंसान, इंडिया, इलाका, इत्यादि, इच्छुक, इज्जत, इन्होंने, इकट्ठा, इल्जाम, इक्कीस, इस्तीफा, इस्पात, इत्यादि, इतिहास, इबादत, इतराती, इहलोक, इजाजत, इकलौता, इठलाना, इकलौती, इजहार, इकतारा, इंकलाब, इमारत, इमरती, इनकार, इकरार, इमारत, इतावली, इलजाम, इसलिए, इर्दगिर्द, इस्तेमाल, इम्तिहान, इन्द्रासन, इष्टदेव, इश्तेहार, इटालियन, इंसानियत, इलाहाबाद, इन्द्रपुरी, इन्द्राणि, इन्द्रधनुष, इलेक्ट्रानिक, इकरारनामा।

‘ई’ से शुरु होने वाले शब्द –

ईख, ईंट, ईक्ष, ईद, ईरान, ईरानी, ईमेल, ईनाम, ईमान, ईशान, ईजाद, ईसाई, ईश्वर, ईर्ष्या, ईप्सा, ईप्सित, ईर्ष्यालु, ईमानदार, ईसामसीह।

ईशान, ईशानी।

‘उ’ से शुरु होने वाले शब्द –

उमा, उर, उस, उषा, उक्त, उल्लू, उम्र, उक्ति, उग्र, उधार, उचित, उलूक, उठना, उपज, उठाना, उदास, उदासी, उलेमा, उपमा, उपाय, उदय, उतार, उबाल, उगना, उड़ान, उजला, उपाय, उजाड़, उजाला, उत्तर, उत्साह, उल्हाना, उज्जैन, उल्लास, उस्तरा, उत्कर्ष, उद्यम, उद्यमी, उद्योग, उत्कृष्ट, उत्कोच, उजड्ड, उर्मिला, उल्लेख, उत्कर्ष, उम्मीद, उद्गार, उद्गम, उन्नत, उन्होंने, उत्पत्ति, उर्मिला, उद्यान, उन्माद, उन्नति, उत्कंठा, उत्तम, उत्पात, उत्सव, उत्तीर्ण, उद्धार, उफान, उत्साह, उत्सर्ग, उपजाऊ, उपदेश, उपवन, उपवास, उबटन, उपयोग, उलझन, उतावला, उबटन, उखाड़ना, उपकार, उपहास, उपानह, उजाड़ना, उपयोग, उपचार, उजागर, उतपात, उतारना, उतरना, उकतना, उकसाना, उदारता, उकेरना, उपयुक्त, उद्देश्य, उद्दंण्ड, उत्पीड़न, उपलब्धि, उपलब्ध, उग्रवाद, उग्रश्रवा, उग्रसेन, उग्रमति, उल्लिखित, उल्लू, उलूक, उल्हाना, उल्लास, उत्पादन, उच्छृंखला, उद्घाटन, उद्धारक, उलटफेर, उपकरण, उपचारिका, उदाहरण, उन्नतशील, उम्मीदवार, उज्ज्वल, उल्लेखनीय, उम्रदराज, उदासीनता, उज्बेकिस्तान, उत्तरदायित्व, उत्साहवर्धन।

उर्जित, उमेश, उजागरसिंह, उर्मिला, उपासना।

‘ऊ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ऊँचा, ऊन, ऊदबिलाव, ऊंचाई, ऊंघना, ऊनी, ऊर्जा, ऊपर, ऊदल, ऊँट, ऊतक, ऊपरी, ऊसर, ऊहापोह।

‘ऋ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ऋषि, ऋतु, ऋषभ, ऋतिक, ऋष्य, ऋक्ष, ऋण।

‘ए’ से शुरु होने वाले शब्द –

एक, एकता, एकमत, एकध्वनि, एकतार, एकलय, एकस्वर, एड़ी, एवं, एषण, एक्सप्रेस, एकदम, एकमात्र, एकाधिकार, एशिया, एकादशी, एरिया, एटीएम, एक्ट, एटा, एंठ, एयरपोर्ट, एयरफोर्स, एयरलाइंस, एप्लिकेशन, एप्पल, एअर, एड्स, एंड, एडमिशन, एडवांस, एडवोकेट, एड़ी, एफआईआर, एफएम, एफडी, एग्रीकल्चर, एग्रीमेंट, एकलव्य।

‘ऐ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ऐक्य, ऐनक, ऐतराज, ऐतवार, ऐरावत, ऐसा, ऐतरेय।

‘ओ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ओठ, ओल, ओला, ओखली, ओर, ओम, ओंकार, ओटन, ओझा, ओझल।

ओमपुरी, ओमप्रकाश, ओमकार, ओमपाल।

‘औ’ से शुरु होने वाले शब्द –

और, औज, औरत, औकात, औलाद, औसत,  औजार, औचक, औषधि, औघड़, औचित्य, औषधीय, औषधियॉं, औषधालय, औपचारिक, औरंगजेब, औरंगाबाद, औचित्यपूर्ण, औचित्यहीन,  औपनिवेशिक।

‘अं’ से शुरु होने वाले शब्द –

अंक, अंग, अंश, अंग, अंगूर, अंगद, अंकन, अंगुल, अंधड़, अंबर, अंबार, अंबुज, अंगार, अंगारे, अंकुश, अंगुली, अंगोला, अंगोछा, अंग्रेजी, अंतरीप, अंगरखा, अंगड़ाई, अंतरिक्ष, अंतर्धान, अंगवस्त्र, अंतस्थल, अंगरक्षक, अंकोरवाट, अंगनपाल, अंतःपुर, अंतःकरण, अंकगणित, अंगप्रदर्शन।

‘क’ से शुरु होने वाले शब्द –

क्या, क्यों, क्योंकि, कहाँ, कब, कल, कण, कब्जा, कविता, कवर, कृषि, कबूतर, करतूत, करतब, कर्ण, कर्म, करना, करता, करना, कसौटी, कबूल, कहानी, कल्पना, काल्पनिक, काव्य, कार्तिक, काल, काला, कालिख, काम, कार्य, काज, काकण, कामना, काबिल, काजिब, काजू, काकखाना, काका, काबिल, काबू, काबुल, कानून, किताब, किसान, किरकिरी, कितना, कितनी, किसी, किरदार, किरण, किराया, किराएदार, किपलिंग, किस्मत, किडनी, किडनैप, किफायती, किलोमीटर, किलो, किला, किनारा, किंतु, किन्नर, किरातार्जुनीय, किंकर्तव्यविमूढ़, किकियाना, कील, कीमत, कीमती, कीड़ा, कीमत, कीर्ति, कीर्तन, कीटनाशक, कीट, कीपर, कीपैड, कीचड़, कीबोर्ड।

कुत्ता, कुस्तुनतुनिया, कुकुक, कुमारी, कुख्यात, कुहरा, कुशासन, कुरीति, कुपात्र, कुरुक्षेत्र, कुंभ, कुटाई, कुमार, कुमति, कुमारी, कुकर्म, कुकुरमुत्ता, कुलपति, कुलवंत, कुलविंदर, कुल्लू, कुल्हाड़ी, कुल्हड़, कुल्ला, कूटना, कूकना, कूप, कूलर, कूर्म, कूड़ा, कूद, कूल, कूच, केवल, केरल, केसर, केवट, केकड़ा, केतु, केतकी, केला, केचुआ, केपटाउन, केसरी, केसरिया, केस, कैसी, कैकई, कैलाश, कैल्शियम, कैमरा, कैरियर, कैटरीना, कैप्टन, कैप्सूल, कोई, कोमल, कोठरी, कोशिश, कोलाहल, कोसना, कोठा, कोपभाजन, कोरिया, कोरमा, कोकिला, कोयल, कोयला, कोढ़, कोड़े, कोड, कोफ्ते, कोहरा, कोहनी, कोलकाता, कोबरा, कौन, कौआ, कौड़ी, कौनसा, कौशल, कौरव, कौटिल्य, कौतूहल, कौम।

करन, कुमार, किशोर, कामताप्रसाद, कीरतसिंह, कल्लू, कालकेश्वर, कावेरी, किरण, काजल, कामना, कुमकुम, कुमारी।

‘ख’ से शुरु होने वाले शब्द –

खरा, खरगोश, खत्म, खच्चर, खर्च, खर्चीला, खड़ाऊं, खरपतवार, खजूर, खतरनाक, खत, खराब, खबर, खरबूजा, खसखस, खास, खाता, खाड़ी, खिलौना, खिसियाना, खिला, खिलखिलाना, खिदमत, खुशामद, खुर, खुरापात, खुरापाती, खुशनुमा, खुद, खुदा, खुदकुशी, खुदरा, खुदीराम, खुशी, खुश, खुशमिजाज, खुलासा, खुले, खुलेआम, खुलकर, खुल, खुशनसीब, खुन्नस, खूफिया, खून, खूनी, खूब, खूबसूरत, खेत, खेल, खेती, खेवनहार, खेरा, खेड़ा, खेसरी, खैर, खैबर, खैरात, खैरियत, खोखला, खोल, खोलना, खोदना, खोटा, खोदा, खौफ, खौलना।

ख्यालीराम, खेसारीलाल, खिलावन, खुशवंतसिंह, खुदाबख्श, खुदीराम, खुशबू।

‘ग’ से शुरु होने वाले शब्द –

गठरिया, गठीला, गणपति, गंभीर, गगन, गस्त, गंगा, गंगोत्री, गंतव्य, गणतंत्र, गरड़िया, गमला, गलफड़े, गमला, गया, गणेश, गाना, गाने, गाड़ी, गाय, गाली, गाँव, गाँधी, गाँठ, गिरगिट, गिरनार, गिराना, गीतकार, गीदड़, गीता, गीत, गीतगोविंद, गुजरात, गुणगान, गुणा, गुणनफन, गुलमोहर, गड़हल, गुजिया, गुंजन, गुमनाम, गुमान, गुटखा, गुरिल्ला, गूंगा, गूजर, गोमती, गोमल, गोरक्षक, गोमुख, गोविंद, गोबर, गोदी, दोमूत्र, गोखुर, गोरा, गोली, गोला, गौसेवक, गौरैया, गौहर, गौरव, गौरतलब, गौरवपूर्ण, गौरवशाली, गौरवान्वित।

गगन, गंगाराम, गयाराम, गिरजाप्रसाद, गयाप्रसाद, गोबर्धन, गोरखनाथ, गिरिधर, गिरिराज, गोकरण, गायत्री, गजगामिनी, गीता, गीतिका, गुनगुन, गुंजन।

‘घ’ से शुरु होने वाले शब्द –

घर, गमंड, घड़ा, घटना, घड़ियाल, घरेलू, घमासान, घरौंदे, घसीटना, घबराना, घमंड, घरेलू, घरवाली, घटनास्थल, घटित, घनघोर, घपला, घपलेबाज, घड़ा, घड़ी, घग्घर, घबराना, घबराहट, घाट, घाघरा, घाटी, घाव, घायल, घातक, घात, घिरना, घिसना, घिनौना, घिन, घिरना, घृतकुमारी, घिग्गी, घिन, घी, घुमक्कड़, घुमाना, घुंगची, घुलना, घुटना, घुट्टी, घूमता, घूरना, घूमना, घूंघट, घूँट, घेरा, घेराव, घेरना, घोलना, घोसला, घोड़ा, घोड़ी, घोटाला, घोषणा, घोर, घोपकर, घंटा, घंटी।

घासीराम।

‘च’ से शुरु होने वाले शब्द –

चम्मच, चरखा, चबूतरा, चरागाह, चक्की, चयन, चरमराना, चतुर्भुज, चमत्कार, चमकना, चमकाना, चरना, चराना, चतुराई, चतुर, चकर, चकोर, चकराना, चमकदमक, चखना, चटाई, चस्का, चश्मा, चटर्जी, चलचित्र, चटोरा, चकोर, चतुर्वेदी, चटक, चमनलाल, चक्कर, चक्का, चपेट, चाबी, चाटना, चाय, चारपाई, चाहरदीवारी, चाचा, चाची, चातक, चाटुकार, चाक, चार, चाकरी, चाव, चालबाज़, चालढाल, चिमनी, चिमटा, चिमटी, चिंकारा, चिलगोजा, चिता, चिंता, चिराई, चितकबरा, चिड़चिड़ा, चिकारा, चिरायु, चीरना, चीता, चील, चीर, चीत्कार, चीतल, चीखना, चुनना, चुंगी, चुना, चुल्लू, चुनाव, चुकंदर, चुम्बक, चुटीला, चूतिया, चूमना, चूसना, चूना, चेतना, चेतन, चेतक, चेहरा, चेतावनी, चेयरमैन, चैनल, चैन, चैत्र, चोर, चोरी, चोट, चोंच, चोकर, चोपड़ा, चौकोर, चौड़ा, चौबारी, चौराहा, चौपट, चौकीदाक, चौगुना, चौधरी, चौहान।

चरणसिंह, चेतक, चमनलाल, चौधरी, चम्पा।

‘छ’ से शुरु होने वाले शब्द –

छलना, छप्पर, छप्पन, छतरी, छज्जा, छटपटाना, छत्ता, छाया, छाता, छाती, छाना, छात्र, छात्रा, छाल, छाछ, छिछला, छिपाना, छीलना, छिपना, छिपकली, छिछोरा, छी, छींकना, छीलना, छुरी, छुटकारा, छूटना, छुटभैया, झूमंतर, छूना, छूत, छोर, छोरा, छोरी, छोटा, छंगा।

छज्जू, छबिराम, छाया।

‘ज’ से शुरु होने वाले शब्द –

ज्योति, ज्येत्स्ना, ज्वाला, ज्वलंत, ज्वर, जय, जज, जन्म, जच्चा, जमाना, जलना, जमीन, जलाना, जमना, जमाना, जटिल, जलोड़, जलील, जकात, जमात, जयकारा, जाल, जाला, जाति, जागरुक, जालिम, जातक, जात, जाता, जाती, जांचना, जातकर्म, जिला, जिज्ञासा, जिज्ञासु, जिबूती, जिताना, जिल्लत, जीतना, जीत, जीह्वा, जीभ, जीना, जीवन, जीन, जीजा, जीजी, जीवत, जुगाली, जुगलबंदी, जुगाड़, जुझारू, जुबान, जुबली, जुगनू, जूता, जूट, जून, जूरिया, जेल, जेनेवा, जेब, जेलर, जेठानी, जेठ, जेबर, जैसे, जोखिम, जोगी, जोश, जोर, जोड़ना, जोशी, जोशीला, जोकर, जोड़ीदार, जोधपुर, जोतना, जोंक, जोरू, जौनपुर, जौनाखाँ, जौहर, जौं, जंग, जाँच।

जंगबहादुर, जीतराम, जतिन, जीतू, जीत।

‘झ’ से शुरु होने वाले शब्द –

झरना, झड़ना, जगड़ा, झण्डा, झमाड़, झाणी, झारखंड, झाँसी, झांसा, झामा, झिलमिल, झील, झुकना, झुकाना, झुमका, झुंड, झुंझलाना, झूलना, झूमना, झूठ, झूला, झेलना, झेला, झोला, झोंका।

‘ट’ से शुरु होने वाले शब्द –

टमाटर, टकराना, टर-टर, टकला, टटोलना, टर्रटर्र, टहलना, टहनाला, टांग, टांगना, टाल-मटोल, टाट, टालना, टिकना, टिकाना, टिमटिमाना, टीला, टीका, टीकाकार, टुकड़ा, टुच्चा, टेंड़ा, टेंकना, टेप, टोकरी, टोंटी, टोपी, टोली, टोकन, टोप, टोकना।

टीटू, टीकाराम।

‘ठ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ठग, ठठेरा, ठसाठस, ठूंसकर, ठानना, ठाकुर, ठिकाना, ठिंगना, ठुमका, ठुकाई, ठुड्डी, ठूंसना, ठेला, ठेंका, ठोंकना, ठोढ़ी।

‘ड’ से शुरु होने वाले शब्द –

डमरू, डम-डम, डकार, डगमग, डग्गामार, डाकू, डाका, डाकघर, डालडा, डाकिया, डामर, डींग,  डोरी, डोंगी, डोली, डुलाना, डुगडुगी, डूरंड, डेरा, डेयरी।

डोरीलाल।

‘ढ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ढक्कन, ढपली, ढखोसला, ढाल, ढालू, ढाई, ढांढस, ढीला, ढीली, ढुलकिया, ढोलक, ढोकला, ढंग।

‘त’ से शुरु होने वाले शब्द –

त्वरित, तकनीक, तराजू, तरावट, तकरार, तकिया, तमाशा, तकरार, तलवार, तल, तम, तन, तख्त, तमाचा, तमीज, तलाक, तमाम, ताल्लुक, ताजमहल, ताख, तामझाम, ताल, ताकना, तालियां, तालमेल, तितली, तिथि, तिरंगा, तिरपाल, तिलमिलाना, तिजोरी, तिलांजित, तिजारी, तिराहा, तीलियां, तिरोभाव, तीर्थ, तीतर, तीसरा, तीर, तीन, तीखा, तुलना, तुर्की, तुतलाना, तुरई, तुकाराम, तुला, तुम्हारा, तुरीड़, तूती बोलना, तूफान, तूल, तोलना, तोतला, तौलिया।

तुकाराम, तुलाराम, तुलसी, तारानाथ, तारकेश्वर।

‘थ’ से शुरु होने वाले शब्द –

थरमस, थन, थकान, थल, थमना, थामना, थान, थाली, थाना, थिकरना, थूकना, धूधड़ी, थैला, थैली, थोपना।

‘द’ से शुरु होने वाले शब्द –

दग्ध, दगा, दमन, दर्शन, दही, दबाव, दशम, दस, दशानन, दरियादिल, दरकिनार, दखल, दलिया, दाल, दामन, दाह, दाग, दान, दाम, दाद, दाब, दास, दानी, दानिश, दामन, दिग, दिशा, दिवाली, दियासलाई, दिवालिया, दिन, दिवा, दिवस, दिनकर, दिगंबर, दिशाहीन, दीन, दीप, दीनबंधु, दीया, दीदा, दीपावली, दुग्ध, दुधारू, दुभाषी, दुभाषाभाषी, दुधारी, दुर्दशा, दुर्दांत, दुधमुहा, दुष्परिणाम, दुष्चक्र, दुष्कर्म, दुष्ट, दुर्लभ, दुर्जन, दुष्परिणाम, दुग्धमेखला, दूध, दूधिया, दूर, दूरबीन, दूरस्थ, देर, देश, देसी, देखना, देह, देखभाल, देवता, देशज, देहांत, दैनिक, दैहिक, दैविक, दैत्य, दो, दोबारा, दोना, दोगला, दोमट, दौलत, दंगल, दंगा, दंग।

दामोदर, दयाराम, दादू, दीनदयाल, दीनानाथ।

‘ध’ से शुरु होने वाले शब्द –

ध्वनि, ध्वजा, ध्वज, ध्येय, ध्येता, ध्यान, धवल, धमक, धमकी, धमनी, धकेलना, धक्का, धसना, धावक, धारणा, धात्री, धार, धाम, धान, धान्य, धार, धारणीय, धारीदार, धिक्कार, धीमर, धीरज, ध्रुव, धुरी, धुरा, धुआं, धुआंरा, धूल, धूम्र, धूम, धूसर, धूमिल, धैर्यवान, धोखेबाज, धोबी, धोबन, धोना, धोता, धोखा, धंधा।

धर्मेंद्र, धर्मेश, धर्मवीर, धर्मराज, धरमा, धीरा, धीरज, धीरपाल।

‘न’ से शुरु होने वाले शब्द –

न्याय, न्यून, न्यूज, नयन, नवीन, नटखट, नर, नल, नख, नम, नमी, नरम, नर्मी, नरक, नमन, नाना, नानी, नाती, नातिन, नाविक, नारायण, नाफरमानी, नाकारा, नाकाम, नामुराद, नामर्द, नामची, नास्तिक, नाराजगी, नालायक, निकम्मा, निर्धारण, निर्मल, निरर्थक, निराकार, नितिन, निखिल, निखार, निराश, निर्माण, निरामिष, निजात, नियुक्तियाँ, निर्लिप्त, नियोजन, निस्सार, नीला, नीम, नीलमणि, नीरस, नीलम, नीलाम, नूतन, नेपाल, नेता, नेत्र, नेवला, नैतिक, नैमिष, नोटबुक, नोटा, नोबल, नोकिया, नौ, नौनिहाल, नौवी, नंगा, नंबर, नंग।

नितिन, नमन, नौबत, नारायण, निखिल, निर्भय, नीतीश, निधि, नीतू, नीलम, नीलिमा, नीति, नियति, निहारिका, निम्रा।

‘प’ से शुरु होने वाले शब्द –

प्रवीणता, प्रत्याशी, प्राचीन, प्रतियोगी, परियावरण, प्रचलित, प्राप्त, परीक्षा, परख, पक्ष, पहलू, परिवहन, परीक्षण, पराकाष्ठा, पृथ्वी, पसली, पत्ता, पत्ती, पतीली, पतला, पतली, पनौती, पकवान, पवन, पनघट, पदार्पण, परोपकार, पकना, पकाना, परत, पति, पत्नी, पानी, पान, पात्र, पारिस्थितिकी, पाप, पिता, पीत, पीतांबर, पीतल, पीपल, पुखराज, पुनर्जागरण, पुल, पुतला, पुमंग, पुष्पासन, पुकार, पुजापा, पुत्र, पुण्य, पुजारी, पुराण, पूजा, पूर्व, पूरक, पूर्ति, पूर्णिमा, पूत, पूतना, पूजना, पोत, पोता, पोल, पोथी, पोरबंदर, पौत्र, पौराणिक।

प्रेम, पुनीत, पवन, पाल, प्रिया, पूजा, पूनम, पूर्णिमा, पुष्पा, पुष्पांजलि, पीहू, प्रियांजल, प्रांजल।

‘फ’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

फल, फसल, फरसा, फलित, फलाहार, फकीर, फफकना, फलना, फलाना, फलक, फासिल, फारस, फाबड़ा, फाख्ता, फासला, फार्म, फातियां, फिराया, फिसलना, फिरौती, फिर, फिराक, फीता, फीस, फीका, फीता, फेंकना, फेरा, फेरना, फेरी, फेकू, फैसला, फैलना, फैलाना, फैसला, फौजी, फौरन।

‘ब’ से शुरु होने वाले शब्द –

बंदर, बनावट, बल, बलि, बलिष्ठ, बलात्कार, बहुत, बताया, बगीचा, बजट, बनिया, बछड़ा, बजा, बल्ली, बनावट, बांसुरी, बांस, बाजा, बार, बात, बाग, बागी, बाघ, बाल, बालिका, बालक, बालहट, बाइज्जत, बाजार, बाजीगर, बारात, बाली, बालब्रह्मचारी, बातून, बिल, बिलबिलाना, बिल्ली, बिल्ला, बिछड़ना, बिछड़ा, बिंदिया, बिताना, बिसात, बीता, बीतना, बीस, बीघा, बीज, बीन, बीच, बीन, बुलबुल, बुलाना, बुझाना, बुखार, बूचड़खाना, बूंद, बूढ़ा, बूथ, बेच, बेटा, बोचारा, बेहतर, बेइंतेहां, बेईमान, बेइज्जत, बेला, बैल, बैशाख, बैजनाथ, बोलना, बोना, बोनी, बोतल, बौना, बौर, बौराना, बौखलाहट, बौखलाया, बौद्ध, बौद्धिक, बौछार।

बहादुर, बरखा, बुशरा।

‘भ’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

भ्रांतियां, भग्नावशेष, भक्त, भंडारा, भतैया, भयानक, भयंकर, भयभीत, भगत, भरत, भारत, भाग्य, भारती, भारतीय, भाषण, भाष्य, भात, भाग्य, भाग्यवान, भित्ति, भिक्षुक, भिक्षा, भीतर, भीषण, भीख, भुगतना, भूत, भूमध्य, भूतकाल, भूमि, भूधर, भूपति, भूमिज, भौमिक, भौकाल, भौतिक, भौगोलिक।

भगतसिंह, भद्रसेन, भद्रसार, भानुप्रताप, भीम, भैरोंसिंह।

‘म’ से शुरु होने वाले शब्द –

मति, मन, मंत्र, मच्छर, ममता, मसाला, महाजनपदकाल, माया, माता, मामी, मामा, मामी, माखन, मारना, माया, मामला, मारता, मारुति, मार्ग, माघ, मिश्र, मिश्रित, मिश्री, मिस्त्री, मिनाक्षी, मिथिला, मुक्त, मुग्ध, मुमुक्षु, मुमूर्षा, मुरझाया, मूर्ति, मूर्त, मूल, मूर्ख, मेखला, मैना, मैथिली, मोर, मोमबत्ती, मोक्ष, मोगरा, मोची, मोटा, मोटी, मौज, मौसम, मौसी, मौर्य, मौलिक, मंदिर।

मनमोहन, महाराणाप्रताप, मानसिंह, मेहताबसिंह, मुकुल, ममता, मीना, मीरा, मीनाक्षी, मीता, मिथलेश।

‘य’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

यश, यशराज, यजमान, यदि, यहाँ, यही, यदा, यम, यमराज, यतीम, यवन, यवनप्रिया, यमुना, यति, यक्ष, यार, याद, यादगार, यारी, यदु, यदुकुल, यान, यातना, यात्रा, यात्री, यादव, याज्ञसेनी, यायावर, युद्ध, युवा, युवक, युवावस्था, युक्ति, यूराल, यूरोप, योग्यता, योग्य, योग, योद्धा, योगदान, योगासन, योजना, यौगिक, यौवन।

यशपाल, याज्ञवल्क्य, यशराज, यदुवंशी, यामिनी, यशोदा।

‘र’ से शुरु होने वाले शब्द –

रति, रवि, रमा, रहना, रखना, रख, रक्षक, रणजीत, रहस्य, रणनीति, रणविजय, रजाई, रमणीय, राम, राख, राग, राज, रात, राख, राधा, राखी, रामायण, रामलीला, राष्ट्र, राष्ट्रीय, राष्ट्रवाद, राही, राज्य, राजस्थान, राजा, राजनीति, राजनीतिज्ञ, राजमहल, राजकाज, राजकीय, राजी, राशि, राशिफल, राक्षस, राकेश, रिश्ते, रिकार्ड, रिक्त, रिक्तियां, रिमझिम, रीति, रीता, रीझना, रीछ, रुख, रुक्मिणी, रूस, रेत, रेकी, रेवड़ी, रेवाड़ी, रेंगना, रेखा, रेतीला, रेती, रैन, रैनबरेसा, रोना, रोकना, रोपण, रोम, रोता, रौनक।

रमन, राम, रामपाल, रामस्वरूप, रामसेवक, रामभरोसे, रजत, राकेश, रौशन, रावण, रश्मि, रति, राखी, रेखा, रजनी, रीता, रीना, रौशनी, राशि, रिया, रिम्पी, रति।

‘ल’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

लवक, लवण, लटकन, लट्टू, लाल, लक्ष्य, लाली, लालिमा, लालायित, लाश, लाख, लात, लालू, लिया, लिए, लिप्त, लिखना, लिखाई, लिखित, लिपाई, लीपना, लेकिन, लेकर, लेना, लेता, लेख, लेखक, लेखाकार, लेखपाल, लेखनी, लेख, लेप, लोमड़ी, लोमष, लोटा, लोटपोट, लोकोक्ति, लोलुप, लोकसभा, लोकतंत्र, लोकार्पण, लोकप्रिय, लोन, लोटना, लोभ, लौ, लौटना, लौटा, लौटाना।

लालमणि, लक्षण, लाखन, लल्लूलाल, लोहार, लोकनायक, लालाराम, लालबहादुर, लालताप्रसाद, लाली, लीलावती।

‘व’ से शुरु होने वाले शब्द –

व्यक्ति, व्यक्तित्व, व्याकुल, व्याप्त, व्यापक, व्यवहार, व्यापार, व्यभिचार, व्यवहार, व्यक्त, वन, वनमानुष, वट, वश, वक, वक्ता, वकील, वरगद, वानर, वाक्, वासना, वार्तालाप, वात्सल्य, वादा, वाद, विशेष, विशिष्ट, विकास, विवाद, विपत्ति, विपदा, विनाश, विभक्ति, विनाशक, विधाता, विधि, विधान, विदर्भ, विरासत, विस्मय, विकीर्ण, विराजमान, विरक्त, वितरण, विकिरण, विकसित, विनीत, विनीता, विपन्न, विपरीत, विज्ञान, विवाह, विच्छेद, विवरण, विख्यात, वीर, वीरता, वीरवधु, वीरप्रसू, वीरसुता, वीरगति, वीरान, वेद, वेदांग, वेदव्यास, वेतन, वेनिस, वैभव, वैतनिक, वांछित।

वाजपेयी, वीरप्पन, वीरपाल, वीरभद्र, वीरबहादुर, विजय, विनीत, विनेश, विक्की, विकास, विनीता, वीना, वर्षा, वंशिका, वंशी, वाणी।

‘श’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

श्याम, श्यामा, शर्म, शक्ति, शरीर, शरणागत, शलजम, शाकाहारी, शान, शालीन, शाखा, शाख, शासन, शासक, शामिल, शास्त्र, शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण, शिक्षित, शिव, शिकायत, शिकवा, शिकार, शीर्ष, शीतल, शीशा, शीर्षक, शीस, शुरु, शेष, शेर, शेषफल, शैली, शैक्षणिक, शोर, शोक, शौक, शौर्य।

शेरसिंह, शेखावत, शमशेर, शीला, शीना, शीनू, शालिनी, शिल्पा, शिल्पी, शांति।

‘ष’ से शुरु होने वाले शब्द –

षट, षष्ठ, षठकोण, षटानन, षड्दर्शन, षणयंत्र।

‘स’ से शुरु होने वाले शब्द –

स्पेन, स्त्री, स्वर्ग, स्वर्ण, स्वर्णिम, स्थापित, स्तन, स्वीकार, स्कूल, स्मरण, स्वार्थी, स्वावलम्बी, स्वाहा, स्वर, स्वान, सरल, सर्वप्रथम, सर्वप्रमुख, सरस, सर्प, समुद्र, समर्थ, समाधान, समस्या, समक्ष, समता, सभ्यता, सत्कार, सदृश्य, सदा, सदाबहार, सनातन, समस्त, समान, समय, समाप्ति, सच्चाई, सरिता, सम्वत्, सवर्ण, सम्मिलित, सम्मुख, समीक्षा, सरकारी, सम्राट, सहनशील, सहसा, सहानुभूति, सचेत, सही, सफलता, समझना, सतत, सतीत्व, सदन, सकारात्मक, समझाना, सच, सखा, सखी, सलिल, सपेरा, सलामत, सलाम, सन्तान, सज्जन, सजा, समर्थन, सम्मुख, समाहर्ता, समाज, सर्वाधिक, लरल, सरदार, सलाह, सर्वज्ञ, सलूक, सफल, सभापति, सठियाना, साहस, सार्वजनिक, सायंकाल, सामान, साया, सारांश, सारणी, सामूहिक, सांत्वना, साक्षात्कार, सामाजिक, सार्थक, सागर, सारथी, सारस, साला, सामग्री, साजिश, सामर्थ्य, सामान्य, साली, साथी, सार्थवाह, सामरिक, साम्राज्य, सांसारिक, सात, सिंह, सिद्ध, सितार, सिद्ध, सिफारिश, सितम, सिराज, सिकेरा, सिंगार, सिंहासन, सिखाना, सितारा, सीमांत, सीमित, सीखना।

सुश्रुत, सुअवसर, सुनियोजित, सुजान, सुख, सुधा, सुधाकर, सुविधा, सुविधाजनक, सुस्त, सुधार, सुमिरन, सुदामा, सुरमा, सुस्पष्ट, सुगम, सुन्दर, सुंदरी, सुगंध, सुकुमार, सुरमा, सुबह, सुरीला, सून-सान, सूंघना, सूंड, सूर्पखणा, सूरदास, सूदखोर, सूखा, सूप, सूरमा, सूर्य, सेंकना, सेना, सेवा, सेतु, सेर, सेम, सैनिक, सोना, सोता, सोती, सोमालिया, सोखना, सोचना, सोच, सौ, सौतन, सौजन्य, सौमित्र, सौंपना, सौराष्ट्र, सौहार्द, संदर्भ, संपर्क, संकल्प, संवेदनशील, संगठन, संसार, संहार, संलग्न, संसर्ग, संसारी, संयोग, संयोजक, संस्थापक, संतान, संबंध, संघ, संग्रह, संघात, संतुलन, संतोष, संदिग्ध, संकट, संकेत, संताप, संवेदना, संबोधन, संकोच, संक्षिप्त, संक्षेप, संगति, संगम, संभावी, संभ्रांत, संविधान, संचालन, संलिप्त, संधि, संन्यासी, संचालन, संजीदा, संसप्त, संपूर्ण, संसाधन, सांस्कृति, साँवला, साँस।

स्वाति, सूरज, साकेत, सोमपाल, सोरन, सोबरन, सत्यप्रकाश, सत्यपाल, सत्यमूर्ति, सत्यवान, सपना, सरोज, सोनम, सोनाली, सोनाक्षी, सीता, सीमा, समिता, साक्षी, सन्ध्या।

‘ह’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

हृदय, हठ, हटना, हराना, हकीम, हमारा, हमारी, हम, हसना, हल, हथेली, हमला, हथिनी, हवा, हवाई अड्डा, हलचल, हवाईजहाज, हरीरा, हरा, हरियाली, हमसफर, हमराज, हमबिस्तर, हसमुख, हलासन, हर्ष, हस्त, हर्षित, हमेशा, हकीकत, हलधर, हनुमान, हथियाना, हथियार, हल, हथकरघा, हलाल, हजार, हताष, हत्या, हत्यारा, हमदर्द, हाजमा, हाथ, हाथी, हाकिम, हारना, हांपना, हांकना, हालात, हालिया, हासिल, हानि, हिलना, हिलाना, हिचकना, हिंदुस्तान, हिंसा, हिंसक, हिमालय, हितैशी, हित, हिम, हिमवर्षा, हिलोरे, हिटलर, हिरण, हिचकिचाना, हिजड़ा, हिमांशू, हिसाब, हिस्सा, हिस्सेदारी, होली, हीरा, हीन, हीनता, हीरालाल, हेतु, हेतराम, हेमराज, हेरफेर, हैरानी, हैरान, हैवान, होनहार, होना, होता, होगा, होगी, होशंगाबाद, होश, हौसला, हंस, हंगामा, हांगकांग, हंगरी, हँसी, हँसमुख।

हेमराज, हेतराम, हंसराज, हरिप्रसाद, हजारीप्रसाद, हाकम, हीरालाल, हिना, हनी, हंसिका, हेतल, हेमा, हिमांशी, हेमलता।

‘क्ष’ से शुरु होने वाले शब्द –

क्षमा, क्षम्य, क्षत्रिय, क्षेत्र, क्षेत्रज, क्षमता, क्षतिज। शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

‘त्र’ से शुरु होने वाले शब्द –

शब्दकोश Shabdkosh Dictionary

त्रितीय, त्रेता, त्रयंबक, त्रयोदशी, त्रशूल, त्रिपुरारी, त्रिगुण।

‘ज्ञ’ से शुरु होने वाले शब्द –

ज्ञान, ज्ञानी, ज्ञानवान, ज्ञात, ज्ञाता, ज्ञापन, ज्ञानप्रकाश, ज्ञानेश्वर।

कवियों की जीवनी ( Kaviyo Ki Jeevani )

कवियों की जीवनी ( Kaviyo Ki Jeevani ) के अंतर्गत भारत के महान कवियों की जीवनी संकलित की गई है ।

  • तुलसीदास
  • सूरदास
  • कबीर दास
  • रसखान
  • बिहारीलाल
  • सुमित्रानन्दन पंत
  • महादेवी वर्मा
  • मैथिलीशरण गुप्त
  • सुभद्राकुमारी चौहान
  • माखनलाल चतुर्वेदी
  • प. रामनरेश त्रिपाठी

सूरदास : एक नजर में

  • नाम – सूरदास
  • जन्म –  1478 ई.
  • जन्म स्थान – रुनकता गाँव
  • पिता का नाम – प. रामदास
  • गुरु –बल्लभाचार्य
  • भाषा – ब्रजभाषा
  • शैली – सरल व प्रभावपूर्ण
  • मृत्यु – 1583 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – सूरसागर, सूरसावली, साहित्य लहरी।

सूरदास की जीवनी

सूरदास जी का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रुनकता नामक गाँव में 1478 ई. में हुआ था। कुछ विद्वान ‘सीही’ नामक स्थान को सूरदास जी का जन्म स्थान मानते हैं। इनके पिता का नाम प. रामदास था, जो कि एक सारस्वत ब्राह्मण थे। सूरदास जन्मांध थे या नहीं इस बारे में भी मतभेद है। उन्होंने कृष्ण की बाल-मनोवृत्ति और बाल स्वभाव का जिस बारीकी से वर्णन किया है। ऐसा कोई जन्मांध व्यक्ति कर ही नहीं सकता। वह व्यक्ति जो जन्म से अंधा हो वह रंगों तक में फर्क नहीं कर सकता। उनके द्वारा रचनाओं में किया गया वर्णन उनके जन्मांध होने पर पश्न खड़ा करता है। संभवतः वे बाद में अंधे हुए होंगे। इनके गुरु बल्लभाचार्य मथुरा के गऊघाट के श्रीनाथ मंदिर में रहते थे। इन्हीं के संपर्क में आने के बाद सूरदास जी कृष्णभक्ति मे रम गए। मथुरा में ही सूरदास जी की भेंट तुलसीदास से हुई।

इनकी मृत्यु 1583 ई. में गोवर्धन के निकट पारसौली ग्राम में हुई। इनकी मृत्यु के समय वल्लभाचार्य के पुत्र विट्ठलनाथ वहाँ पर उपस्थित थे। अपने अंतिम समय में इन्होंने यह पद लिखा था –

“भरोसो दृढ़ इन चरनन केरो।

श्रीबल्लभ नख-छन्द-छटा-बिनु सब जग माँझ अँधेरा।।”

सूरसागर –

यह एक गीतिकाव्य है। यह सूरदास जी की एकमात्र प्रामाणिक कृति है। इस मूल रचना में कुल सवा लाख पद थे। परंतु उनमें से 8-10 हजार पद ही उपलब्ध हैं।

साहित्यलहरी –

सूरदास के इस ग्रंथ में 118 दृष्टकूट पद हैं। इसमें मुख्यतः अलंकारों व नायिकाओं की विवेचना की गई है।

सूरसावली –

सूरसावली में 1107 छन्द हैं। यह ग्रंथ अभी भी विवादास्पद स्थिति में है।

तुलसीदास : एक नजर में

  • नाम – गोस्वामी तुसलीदास
  • जन्म – 1532 ई.
  • जन्म स्थान – राजापुर ग्राम
  • पिता का नाम – आत्माराम दुबे
  • माता – हुलसी
  • गुरु – नरहरिदास
  • भाषा – अवधी , ब्रज
  • शैली – गीत, दोहा, चौपाई, छप्पय, कवित्त-सवैया
  • मृत्यु – 1623 ई. (91 वर्ष की अवस्था में)
  • प्रमुख रचनाएं – रामचरितमानस, दोहावली, गीतावली, कवितावली, विनयपत्रिका इत्यादि।

तुलसीदास की जीवनी –

तुलसीदास जी के जन्म के समय और जन्म स्थान के विषय में सभी विद्वान एकमत नहीं है। परंतु अधिकांश विद्वानों द्वारा इनके जन्म की तिथि 1532 ई. बताई गई है। इनका जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के बांदा जिले के राजापुर गाँव में हुआ था। परंतु कुछ विद्वान इनका जन्म एटा जिले के सोरों नामक स्थान को मानते हैं। इनके पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी था। इनका जन्म ऐसे अशुभ नक्षत्र में हुआ था कि शिशुकाल में ही इनके माता पिता ने इन्हें त्याग दिया। इनका पालन पोषण नरहरिदास ने किया। इन्होंने संत बाबा नरहरिदास से भक्ति की शिक्षा ग्रहण की। इसके साथ ही इन्होंने वेद, वेदांग, पुराण, दर्शन व इतिहास की भी शिक्षा प्राप्त की।

इनका विवाह दीनबन्धु पाठक की कन्या हुलसी से हुआ। ये अपनी पत्नी से अत्यंत प्रेम करते थे। एक दिन वे अपने मायके चली गईं। तब उनसे मिलते के लिए तुलसीदास रात में आँधी, बरसात में नदी पार कर उनसे मिलने उनके मायके पहुँचे। इस पर उनकी पत्नी ने इनसे कहा ‘जितना प्रेम तुम मुझसे करते हो, उतना श्रीराम से करो’ तो जीवन का उद्धार होगा। इससे वे विरक्त हो गए और काशी चले गए। इसके बाद इन्होंने कई तीर्थ यात्राएं कीं। अयोध्या आकर इन्होंने रामचरित मानस की रचना प्रारंभ की। जिसे पूर्ण करने में इन्हें 2 वर्ष 7 माह का समय लगा। वर्ष 1623 में असी घाट पर इनका देहांद हो गया। इनकी मृत्यु के बारे में एक दोहा प्रसिद्ध है –

“संवत् सोलह सौ असी, असी गंग के तीर।

श्रावण कृष्णा तीज शनि, तुलसी जत्यो शरीर।।”

तुलसीदास की कृतियाँ –

रामचरितमानस, गीतावली, दोहावली, कवितावली, विनयपत्रिका, जानकी-मंगल, पार्वती-मंगल, श्रीकृष्ण गीतावली, रामलला-नहछू, वैराग्य-संदीपनी, रामाज्ञा प्रश्न, बरवै-रामायण। रामचरितमानस अवधी में है।

कबीरदास : एक नजर में

  • नाम – कबीर दास
  • जन्म – 1398 ई.
  • जन्म स्थान – काशी
  • गुरु – रामानन्द
  • भाषा – सधुक्कड़ी
  • शैली – उपदेशात्मक
  • मृत्यु – 1518 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – साखी, सबद, रमैनी इत्यादि।

कबीरदास की जीवनी –

महान कवि व समाज सुधारक कबीरदास का जन्म 1398 ई. में काशी में हुआ था। एक किंवदंति के अनुसार इनका जन्म एक विधवा ब्राह्मण स्त्री के गर्भ से हुआ था। अतः लोकलाज के कारण उसने इन्हें वाराणसी की लहरतारा नामक जगह पर एक लाताब के निकट रख आयी। वहीं से इन्हें नीमा और नीरू नामक एक मुस्लिम जुलाहा दम्पति ने उठा लिया। इसी मुस्लिम दम्पति ने कबीरदास जी का पालन पोषण किया। इनका बचपन मगहर में व्यतीत हुआ। बाद में ये काशी में जाकर बस गए। इनका विवाह लोई से हुआ। इनकी कमाल और कमाली नामक दो संतान हुईं। ये  मूलतः एक संत कवि थे। धर्म के दिखावटी बाहरी आचार-विचार व कर्मकाण्डों में इनकी जरा भी रुचि नहीं थी। तात्कालिक समाज और धर्म में व्याप्त संकीर्णताओं से इनका मन अत्यंत व्याकुल हुआ। इन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदू और मुस्लिम दोनों ही के आडम्बरों पर गहरी चोट की।

जीवन के अंतिम समय में ये पुनः मगरह आ गए। मगहर में ही सन् 1518 में इनका देहांत हो गया। इनकी मृत्यु की तिथि के बारे में विद्वानों में मतभदे है। अधिकांश विद्वान 1518 ई. को इनकी मृत्यु की तिथि मानते हैं। इनका अंतिम संस्कार किस धर्मानुसार हो इस बारे में हिंदू व मुस्लिमों में विवाद हुआ। हिंदू इनका दाह संस्कार करना चाहते थे। मुस्लिम इन्हें दफनाना चाहते थे।

रसखान : एक नजर में

  • नाम – रसखान
  • मूल नाम – सय्यद इब्राहीम
  • जन्म – 1533 ई.
  • जन्म स्थान – दिल्ली
  • गुरु – गोस्वामी विट्ठलदास
  • भाषा – ब्रज भाषा
  • शैली – गीत, दोहा, छन्द, सवैया, कवित्त इत्यादि।
  • मृत्यु – 1618 ई.
  • रचनाएं – प्रेमवाटिका, सुजान रसखान।

रसखान का जीवनी –

रीतिकाल के इस कवि का मूल नाम सय्यद इब्राहीम था। इनका जन्म 1533 ई. में दिल्ली के एक पठान परिवार में हुआ था। युवावस्था में इनका चाल-चलन ठीक नहीं था। परंतु विट्ठलदास के संपर्क में आने के बाद इनके जीवन में आमूल-चूल परिवर्तन हुए। ये गोस्वामी विट्ठलदास के शिष्य बन गए। उन्ही के प्रभाव में इनका झुकाव वैष्णव धर्म की ओर हो गया और ये सच्चे कृष्णभक्त बन गए। इनका अधिकतम जीवन ब्रजक्षेत्र में व्यतीत हुआ। जिससे इनकी कृष्णभक्ति और भी निखर गई। 1618 ई. में इनका देहांत हो गया। कृष्णभक्त कवियों में रसखान का विशिष्ट स्थान है। रसखान द्वारा रचित सिर्फ दो ग्रंथ प्रेमवाटिका और सुजान रसखान ही उपलब्ध हैं।

बिहारीलाल : एक नजर में

  • नाम – बिहारीलाल
  • जन्म – 1603 ई.
  • जन्म स्थान – बसुआ
  • पिता का नाम – प. केशवराय चौबे
  • गुरु – बाबा नरहरि सिंह
  • भाषा – प्रौढ़ परिमार्जित ब्रज
  • शैली – शैली
  • मृत्यु – 1663 ई.
  • प्रमुख रचना – बिहारी सतसई

बिहारीलाल की जीवनी –

कवि बिहारीलाल का जन्म 1603 ई. में ग्वालियर के समीप ‘बसुआ गोविंदपुर’ गाँव में हुआ था। इनका जन्म एक चतुर्वेदी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम केशवराय था। ये बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि थे। कहा जाता है कि इनके गुरु नरहरिसिंह ने इनका परिचय मुगल शासक जहाँगीर से कराया था। इसके बाद बिहारी को जहाँगीर का आश्रय प्राप्त हुआ। ये युवावस्था में अपनी ससुराल मथुरा में आकर रहने लगे। इसके बाद यह जयपुर के शासक जयसिंह के पास गए। वहाँ इन्होंने राजा को रानी के प्रेम में विभोर पाया। जिस कारण सब राजकाज चौपट हो रहा था। तब कवि बिहारी ने एक दोहा लिखकर राजा के पास पहुँचाया –

“नहिं पराग, नहिं मधुर मधु, नहिं बिकासु इहिं काल।

अलि कलि ही सौ बिंध्यौं, आगे कौन हवाल।।”

इसे पढ़ने के बाद राजा की आँखें खुल गई और अपने उत्तरदायित्वों का एहसास हुआ। साथ ही वे कवि बिहारी की विलक्षण प्रतिभा से भी बहुत प्रभावित हुए। राजा ने कवि बिहारी को प्रत्येक सुन्दर दोहे पर 1 स्वर्ण मुद्रा देने का वचन दिया। बिहारी सतसई की रचना पूर्ण करने के कुछ समय बाद ही इनकी पत्नी का देहांत हो गया। इस घटना ने इनके मन में वैराग्य उत्पन्न कर दिया। अपने अंतिम दिनों में ये वृंदावन आ गए। यहीं पर 1663 ई. में इनकी मृत्यु हो गई।

सुमित्रानंदन पंत : एक नजर में

  • नाम – सुमित्रानंदन पंत
  • मूल नाम – गुसाईं दत्त
  • जन्म – 1900 ई.
  • जन्म स्थान – कौसानी ग्राम
  • पिता का नाम – प. गंगादत्त पंत
  • माता – सरस्वती देवी
  • भाषा – खड़ीबोली
  • शैली – चित्रमय व संगीतात्मक
  • मृत्यु – 1977 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – वीणा, पल्लव, युगवाणी, लोकायतन, शिल्पी, कला और बूढ़ा चाँद इत्यादि

सुमित्रानंदन पंत का जीवनी –

इनका जन्म 1900 ई. में उत्तर प्रदेश के अल्मोड़ा जिले के ‘कौसानी’ गाँव में हुआ था। इनका मूल नाम गुसाईं दत्त था। इनके पिता का नाम गंगाधर पंत और माता का नाम सरस्वती देवी था। इनके जन्म के कुछ घंटों बाद ही इनकी माँ की मृत्यु हो गई। इन्होंने मात्र 7 वर्ष की आयु में अपनी एक कविता लिखी। गाँव की पाठशाला में प्रारंभिक शिक्षा पाने के बाद 12 वर्ष की अवस्था में इन्होंने अल्मोड़ा के राजकीय हाई स्कूल में प्रवेश लिया। यहाँ से 9वीं कक्षा पास की। इसके बाद ये काशी चले गए। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा इन्होंने काशी से पास की।

1921 ई. में असहयोग आंदोलन प्रारंभ होने के बाद इन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। 1931 ई. में ये कालाकांकर चले गए। यहाँ पर इन्होंने मार्क्सवाद का अध्ययन किया। स्वर्णधूलि, स्वर्णकिरण, और उत्तरा नामक काव्य संकलनों की रचना इन्होंने अरविंद दर्शन से प्रभावित होकर की थी। 1950 ई. में ये आकाशवाणी से जुड़े। 1977 ई. में प्रकृति के इस कवि का देहांत हो गया। इन्हें भारत के महान प्रकृति कवि के रूप में जाना जाता है। इन्हें भारत का विलियम वर्ड्रवर्थ भी कहा जाता है।

महादेवी वर्मा – एक नजर में

  • नाम – महादेवी वर्मा
  • जन्म – 1907 ई.
  • जन्म स्थान – फर्रुखाबाद
  • पिता का नाम – गोविंद वर्मा
  • माता – हेमरानी देवी
  • भाषा – ब्रजभाषा, खड़ीबोली
  • शैली – मुक्तक, चित्र, प्रगीत, सम्बोधन, प्रश्न इत्यादि।
  • सम्पादन – चाँद (पत्र)
  • मृत्यु – 1987 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – यामा, हिमालय, नीरजा, दीपशिखा, नीहार, रश्मि, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं इत्यादि

महादेवी वर्मा की जीवनी –

इनका जन्म 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक शिक्षित परिवार में हुआ था। इनके पिता गोविंद वर्मा बिहार के भागलपुर के एक कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। इनकी माता का नाम हेमरानी देवी था। इनकी माता की हिंदी साहित्य में गहरी रुचि थी। जिस कारण वे कभी-कभी कविताएं भी लिखा करती थीं। अतः इन्हें यह साहित्यिक अनुराग पैतृक रूप से प्राप्त हुआ। इन्हेंने 1933 ई. में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में संस्कृत विषय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसी साल ये प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्य नियुक्त की गईं। इस पद पर रहते हुए ही इन्होंने कुछ समय तक चाँद नामक पत्र का  सम्पादन भी किया। इन पर महात्मा गाँधी और रविंद्रनाथ टैगोर का गहरा प्रभाव पड़ा। 1987 ई. में इनका निधन हो गया।

भारत सरकार ने महादेवी वर्मा को पद्म भूषण से सम्मानित किया। 1983 ई. में महादेवी वर्मा को इनके काव्य ग्रंथ यामा के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1983 ई. में ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्हें 1 लाख रुपये का भारत भारतीय पुरस्कार प्रदान किया।

मैथिलीशरण गुप्त : एक नजर में

  • नाम – मैथिली शरण गुप्त
  • जन्म – 1886 ई.
  • जन्म स्थान – चिरगाँव (झाँसी, उत्तर प्रदेश)
  • पिता का नाम – रामचरण गुप्त
  • भाषा – खड़ीबोली
  • शैली – प्रबंधात्मक, उपदेशात्मक, विवरणात्मक, अलंकृत, मिश्र।
  • मृत्यु – 1964 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – भारत भारती, साकेत, यशोधरा, पंचवटी, विष्णुप्रिया, जयभारत इत्यादि।
  • साहित्य में स्थान – राष्ट्रकवि

मैथिलीशरण गुप्त का जीवनी –

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 1886 ई. में उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले के चिरगाँव में हुआ था। इनके पिता सेठ रामचरण एक वैश्य थे। इनके पिता स्वंय काव्य प्रेमी थे और कविताएँ भी लिखा करते थे। मैथिलीशरण गुप्त को कविताएं लिखने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली। बचपन में इन्होंने अपने पिता की कॉपी पर एक छप्पय लिख दिया था। जिससे खुश होकर इनके पिता ने आशीर्वाद दिया ‘तुम सफल सिद्ध कवि हो’। भविष्य में उनका आशीर्वाद सफल सिद्ध हुआ। प्रारंभ से ही इनकी रुचि शिक्षा में नहीं थी। प्रारंभिक शिक्षा के बाद अंग्रेजी की शिक्षा के लिए इन्हें झाँसी भेजा गया। परंतु वहाँ पर इनका मन नहीं लगा और ये बापस लौट आये। इसके बाद इन्होंने घर पर ही अध्ययन किया। इसके कुछ समय बाद ही ये काव्य रचना करने लगे।

इनकी रचनाएं हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होने लगीं। ये अपना गुरु आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को मानते थे। इनके छोटे भाई सियाराम शरण गुप्त भी अच्छे कवि व लेखक थे। मैथिलीशरण की कविताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना झलकती थी। जिस कारण ये कई बार जेल भी गए। इनकी काव्य साधना और राष्ट्रप्रेम से  प्रभावित होकर आगरा विश्वविद्यालय ने इन्हें डी. लिट्. की उपाधि से सम्मानित किया। हिंदी साहित्य सम्मेलन ने इन्हें साहित्य वाचस्पति की उपाधि से सम्मानित किया। साहित्य जगत में इनकी देन के लिए राष्ट्रपति ने इन्हें दो बार राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया। 12 दिसंबर 1964 को इनकी मृत्यु हो गई।

सुभद्राकुमारी चौहान : एक नजर में

  • नाम – सुभद्रा कुमारी चौहान
  • जन्म – 1904 ई.
  • जन्म स्थान – निहालपुर (इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश)
  • पिता का नाम – रामदास सिंह
  • पति – लक्ष्मण सिंह चौहान
  • भाषा – साहित्यिक खड़ीबोली
  • शैली – ओजयुक्त व्यावहारिक
  • मृत्यु – 1948 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – बिखरे मोती, सीधे-सादे चित्र, उन्मादिनी।

सुभद्रा कुमारी चौहान की जीवनी –

राष्ट्रीय चेतना की अमर गायिका और वीर रस की एकमात्र भारतीय कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान हैं। इनका जन्म 1904 ई. में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले के निहालपुर गाँव में हुआ था। इनका जन्म एक संपन्न परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रामदास सिंह था। इन्होंने इलाहाबाद के क्रॉस्थवेट महिला विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की। मात्र 15 वर्ष की अवस्था में इनका विवाह मध्यप्रदेश के अण्डवा के रहने वाले ठाकुर लक्ष्मण सिंह चौहान से कर दिया गया। इन्होंने अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ दी। महात्मा गाँधी से प्रभावित होकर ये देश सेवा में जुट गईं और राष्ट्रीय कार्यो में भाग लेने लगीं। इन्होंने राष्ट्रप्रेम संबंधी कविताएं लिखना प्रारंभ किया। इस कारण इन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। इन्हें साहित्यिक व राजनीतिक कार्यों में माखनलाल चतुर्वेदी से विशेष प्रोत्साहन मिला। 1948 ई. में एक मोटर दुर्घटना में इनकी मृत्यु हो गई।

माखनलाल चतुर्वेदी : एक नजर में

  • नाम – माखनलाल चतुर्वेदी
  • जन्म – 1889 ई.
  • जन्म स्थान – बावई (मध्यप्रदेश)
  • पिता का नाम – नन्दलाल चतुर्वेदी
  • भाषा – सरल व प्रभावपूर्ण
  • शैली – मुक्तक
  • मृत्यु – 1968 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – हिमतरंगिनी, माता, समर्पण, रामनवमी, युगचरण, साहित्य-देवता इत्यादि।

माखनलाल चतुर्वेदी की जीवनी –

इनका जन्म मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के बावई गाँव में 1889 ई. में हुआ था। इनके पिता का नाम पं. नन्दलाल चतुर्वेदी था। इनके पिता एक अध्यापक थे। उन्हीं की देखरेख में माखनलाल चतुर्वेदी की शिक्षा दीक्षा हुई। घर पर ही इन्होंने हिदी, संस्कृत, अंग्रेजी, बांग्ला व गुजराती भाषाओं का अध्ययन किया। पहले इन्होंने अध्यापन का कार्य प्रारंभ किया। उसके बाद त्यागपत्र देकर ये पत्रकारिता करने लगे। इन्होने कर्मवीर पत्र का सम्पादन किया। इन्होंने कानपुर के प्रभा पत्र का भी सम्पादन किया। इन्होंने राष्ट्रीय आंदोलनों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके लिए ये कई बार जेल भी गए। 1943 ई. में इन्हें हिंदी साहित्य सम्मेलन का अध्यक्ष चुना गया। इनकी विद्वत्ता के लिए सागर विश्वविद्यालय ने इन्हें डी. लिट् की उपाधि से सम्मानित किया। भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। 1968 ई. में इनकी मृत्यु हो गई।

प. रामनरेश त्रिपाठी : एक नजर में

  • नाम – रामनरेश त्रिपाठी
  • जन्म – 1889 ई.
  • जन्म स्थान – कौइरीपुर
  • पिता का नाम – रामदत्त त्रिपाठी
  • भाषा – खड़ीबोली
  • शैली – गीतात्मक
  • मृत्यु – 1962 ई.
  • प्रमुख रचनाएं – पथिक, मानसी, मिलन, प्रेमलोक, महात्मा बुद्ध इत्यादि।

रामनरेश त्रिपाठी की जीवनी –

पं. रामनरेश त्रिपाठी का जन्म 1889 ई. में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के ‘कौइरीपुर’ गाँव में हुआ था। इनके पिता पं. रामदत्त त्रिपाठी एक साधारण कृषक थे। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव की पाठशाला में ही हुई। इसके बाद अंग्रेजी की शिक्षा के लिए ये जौनपुर आ गए। आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण इन्हें अपनी शिक्षा मध्य में ही छोड़कर बापस आना पड़ा। इस प्रकार ये 9वीं तक ही शिक्षा ग्रहण कर सके। 1962 ई. में इनका निधन हो गया। साहित्य जगत में इन्हें स्वच्छंदवादी काव्यधारा के कवियों में स्थान प्राप्त है। इनकी कविताएं देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हैं।