केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force – CISF) की स्थापना 10 मार्च 1969 ई. को हुई थी। इसकी शुरुवात मात्र 3000 के संख्या बल के साथ की गई थी।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान (2022) में CISF के पास 1,63,590 जवान हैं। वर्तमान में यह बल देश के 353 संवेदनशील प्रतिष्ठानों को सुरक्षा व सेवा प्रदान कर रहा है। साल 2021 में CISF ने 3570 संस्थानों पर आग लगने की घटना में अपनी सेवा द्वारा 81 करोड़ की संपत्ति को बचाया। 2021 में देश के 12 हवाई अड्डों पर लोगों की खोई हुई 12 करोड़ की संपत्ति को लोगों तक पहुँचाया। दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में हर रोज 30 यात्रियों की जान बचाई। साथ ही दिल्ली मेट्रो में लोगों की 85 लाख की खोई हुई संपत्ति को वापस किया।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का स्वरूप व कार्य

यह एक अर्धसैनिक बल है। देश में सरकारी कारखानों और अन्य सरकारी संस्थानों की सुरक्षा करने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई थी। CISF देश के मुख्य संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसका कार्य देश की आंतरिक सुरक्षा, विशेष लोगों की सुरक्षा। ऐतिहासिक धरोहर, मेट्रो, बंदरगाह की सुरक्षा करना। ऊर्जा संयंत्र, एवं परमाणु संस्थानों की सुरक्षा करना भी है।

यह आपदाओं के समय लोगों की मदद करने में अहम भूमिका निभाता है। साल 2007 में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा CISF को सौंपी थी। तब से ये दिल्ली मेट्रो को सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।

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संचालन कर्ता –

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का संचालन केंद्रीय गृहमंत्रालय के द्वारा किया जाता है।

CISF स्थापना दिवस – 2022

साल 2022 में पहली बार CISF के स्थापना दिवस (53वां) को 4 दिन पहले ही 6 मार्च को मना लिया गया। इसका कारण था कि 2022 में भारत के 5 राज्यों की विधानसभाओं की मतगणना 10 मार्च को होनी थी। इसका आयोजन गाजियाबाद में किया गया। इस समारोह में गृहमंत्री मुख्य अतिथि थे। इस समारोह के दौरान राष्ट्रपति पुलिस पदक और राष्ट्रपति फायर सेवा पदक प्रदान किये गए। साथ ही गृह मंत्री ने CISF में महिलाओं की भागीदारी को 6% से बढ़ाकर 20% करने को कहा।

– केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

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