जजिया कर का इतिहास

जजिया कर

भारतीय इतिहास में जजिया कर एक अत्यंत महत्वूपूर्ण शब्द है। इतिहास से संबंधित सभी लोगों ने कभी न कभी इसका जिक्र जरुर किया होगा। भारतीय इतिहास में इसे कई शासकों द्वारा लगाया व हटाया गया।

जजिया का अर्थ –

यह एक धार्मिक कर है। दरअसल इस्लामिक राज्यों में सिर्फ मुसलमानों को ही रहने की अनुमति थी। यदि कोई गैर इस्लामिक व्यक्ति इस्लामिक राज्य में रहता है। तो उसे इसके लिए एक कर देना होता था। इसी कर को जजिया के नाम से जाना जाता था। ये कर देने के बाद गैर मुस्लिम अपने धर्म का पालन कर सकते थे।

जजिया कर किसने लगाया ?

भारत में जजिया कर का इतिहास मुहम्मद बिन कासिम के सिंध पर आक्रमण करने से प्रारंभ होता है। सर्वप्रथम मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध प्रांत के देवल में ये कर लगया था। इसके बाद भारत में ये कर लगाने वाले शासक –

  • फिरोजशाह तुगलक
  • सिकंदर लोदी
  • कश्मीर का सिकंदरशाह
  • अकबर
  • औरंगजेब
  • फर्रुखशियर

जजिया कर का इतिहास

यद्यपि मुहम्मद बिन कासिम द्वारा भारत में पहली बार ये कर लगाया गया था। तथापि इसके बाद भी कई भारतीय शासकों ने इसका प्रयोग अपने शासनकाल में किया। फिरोज तुगलक ने इसे खराज (भूराजस्व कर) से अलग कर एक पृथक कर बनाया। फिरोज ही पहला शासक था जिसने यह कर ब्राह्मणों पर भी लगाया। जो कि अब तक इस कर से मुक्त हुआ करते थे। इसका विरोध भी हुआ परंतु फिर भी फिरोज ने इसे बापस नहीं लिया। अंत में दिल्ली की अन्य हिंदू जनता ने ब्राह्मणों के भी हिस्से का कर स्वयं देने का निर्णय लिया। सिकंदर लोदी ने भी अपने शासनकाल में इसे लगाया।

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कश्मीर में सर्वप्रथम जजिया कर सिकंदरशाह ने लगाया। कश्मीर में इसे निषेध सर्वप्रथम जैनुल आब्दीन ने किया। यह एक सहिष्णु शासक था। इसे कश्मीर का अकबर के नाम से जाना जाता है। गुजरात में इसे सर्वप्रथम अहमदशाह (1411-42 ई.) के समय लगाया गया। शेरशाह सूरी के शासनकाल में इसे नगर-कर की संज्ञा दी गई। मुगल वंश में अकबर ने 1564 ई. में इसे लगाया। इसके बाद 1575 ई. में इसे फिर से लगा दिया। इसके बाद 1579 ई. में अकबर ने फिर इसे समाप्त कर दिया। औरंगजैब ने 1679 ई. में इसे लागू किया। इसे जहाँदारशाह ने 1712 ई. में समाप्त कर दिया। इसके बाद फर्रुखशियर ने साल 1713 ई. में इसे समाप्त किया। इसके बाद 1717 ई. में फर्रुखशियर ने दोबारा इसे लगा दिया। अंत में साल 1720 ई. में मुगल शासक मुहम्मदशाह ने जयसिंह के कहने पर इसे हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।

जजिया कर किसने खत्म किया ?

इस कर को समाप्त करने वाले शासक हैं –

  • जैलुलाब्दीन (कश्मीर का अकबर)
  • अकबर
  • जहाँदारशाह
  • फर्रुखशियर
  • मुहम्मदशाह
तुरुष्कदण्ड कर

तुरुष्कदंड को जजिया का विपरीत कर कह सकते हैं। जहाँ एक तरफ इस्लामिक राज्य में रहने वाली गैर इस्लामिक जनता को जजिया देना होता था। उसी तरह गैर मुस्लिम राज्य में रहने वाली मुस्लिम जनता को तुरुष्कदण्ड कर देना पड़ता था।

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गहड़वालों ने तुरुष्कदंड को अपने राज्य में रहने वाली मुस्लिम जनता पर लगाया था।

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